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गलतियाॅं साहित्यिक सेवा की भावना से बस, रचनाकार की भलाई के लिए ही उजागर किया जाता है, ताकि वे सभी सदैव कुछ-न-कुछ सीख सकें ! रचनाओं की समालोचना साहित्यिक सेवा का महत्वपूर्ण भाग होता है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
कृपया अन्यथा नहीं लें एवं विचलित ना हों… खुशी-खुशी साहित्यिक सेवा में अपना योगदान करते रहें एवं सानंद रहें…. धन्यवाद ।

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