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आपके विचार से मैं सहमत हूं। लॉकडाउन इस समस्या का हल नहीं है। लॉकडाउन से बेरोजगारी एवं गरीबी की समस्या विकट रूप धारण कर रही है। हमें लोगों को एहतियात बरतकर जीवन जीने के लिए प्रेरित करना होगा। हमें प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता विकास करने के लिए जनमानस को प्रेरित करना होगा जिसमें स्वच्छ वातावरण का निर्माण एवं स्वच्छता का पालन करना होगा।
संक्रमण को प्राकृतिक रूप से क्षीण करने के लिए समूह रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करनी पड़ेगी। जिसका तात्पर्य है यह है कि संक्रमित होने पर प्राकृतिक रूप से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न होगी जिसे उचित चिकित्सा पद्धति के माध्यम से घातक होने के स्तर पर पहुंचने से लोगों को बचाया जा सकता है । कालांतर में धीरे धीरे संक्रमण प्राकृतिक रुप से क्षीण होकर अपने आप समाप्त हो जाएगा। टीकाकरण की नीति के अपने कुछ अनसुलझे तथ्य एवं तर्क हैं जिन की विस्तृत विवेचना आवश्यक है। तभी विस्तृत रूप से टीकाकरण अभियान की सार्थकता सुनिश्चित की जा सकती है।
धन्यवाद !

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बिल्कुल सही, रोगों से लड़ने का प्राकृतिक उपाय ही सर्वोत्तम उपाय है। आधुनिक चिकित्सा पद्धति के अपने फायदे व कमियाँ दोनों हैं।
बहुत बहुत धन्यवाद!

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