Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
1 May 2021 10:01 AM

इस संकट के समय में जब सारी व्यवस्थाएं चरमराती हुई दिखाई देती हैं तब अपने ही हैं जो हमारी चिंता में लगे हुए हैं अन्यथा सरकारों ने तो लफ्फाजी करने में ही समय निकाल दिया है, हां कुछ पुरोधा हैं जो उम्मीद की किरण बन कर सेवा में लगे हुए हैं! सादर प्रणाम।

You must be logged in to post comments.

Login Create Account
1 May 2021 11:31 AM

धन्यवाद !

Loading...