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महलों में रहने वाले क्या जान पाएंगे , उस गरीब मजदूर के खून पसीने की कीमत ,
उसकी बेबसी , लाचारी , और जिंदगी भर दर बदर की ठोकर खाने को मजबूर उसकी किस्मत ,

श़ुक्रिया !

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