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अत्यन्त प्रभावी प्रस्तुति,अनिल जी..! आपसे विनम्र अनुरोध है कि मेरी ग़ज़ल “कोरोना को तो हरगिज़ है अब ख़त्म होना ” जो कि काव्य प्रतियोगिता मेँ शामिल है, पर भी दृष्टिपात करने की कृपा करें एवं यदि रचना पसन्द आए तो कृपया वोट देकर कृतार्थ करें..!
साभार..!???

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