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20 Aug 2016 08:20 PM

आहा मेरे भाई

फक़ीरी मैं फकीराना कोई अपना ना बेगाना
उलझयेगा नही हमसे कि हम कश्कोल वाले हैं
बड़ा ही मुनफ़रिद शे’र ……….
जिंदाबाद

नज़ीर नज़र

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