Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
8 Aug 2016 04:56 PM

सहो चाहे जमाने भर के ताने भी मगर फिर भी
कही अपनों की चुभती बात छाला छोड़ देती है

वाह वाहहहहहहहहहहहहहहहहहहह
बेहद उम्दा
अनुपम चिंतन,,,, लेखनी को नमन !!

You must be logged in to post comments.

Login Create Account
Loading...