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15 Jul 2020 10:13 PM

हिन्दी का उत्थान होना अत्यावश्यक है , लेकिन अभी समय लगेंगे ।
दिव्य प्रभा जब छाएगा, धरा से उठ,
अंतरिक्ष चीर अपना परचम लहराएगा।

बहुत बहुत साधुवाद!

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धन्यवाद मैम,,,,हिंदी को विश्वपटल पर सुशोभित करना है। अपने देश में यह राजनीति के पाटों के बीच फंसकर रह गई है। अन्यथा हमारी हिंदी विश्व के प्रत्येक देश में परचम लहरा रही है।
हार्दिक आभार

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