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तेरी यादों को भुलाऊँ तो तो भुलाऊँ कैसे।
दिल में जो ए़हसास है उसे निकालूँ तो निकालूँ कैसे।
अब तो मुझे इंतज़ार करना है फ़ना होने का।
तब कुछ इंतज़ाम हो तेरी यादों से जुदा होने का।

श़ुक्रिया !

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7 May 2020 02:59 PM

सुंदर…??

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