Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings

चार दिन की ज़िंदगानी है हंस खेल के गुज़ार लो।
ख्व़ाहिशें सब पूरी हो कोई म़लाल ना पाल लो।

श़ुक्रिया !

You must be logged in to post comments.

Login Create Account
Loading...