क्षेत्र 'प्रेम' मुखिया
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5 Nov 2018 01:07 PM
जी धन्यवाद आपका आभारी हूँ।
जी प्रणाम,आपकी रचना पढ़ी अत्यंत प्रभावी लगी ! परन्तु क्षमा करें एवं त्रुटि सुधार करें ! जैसे अ’ से शुरू होती है में है को हैं लिखें,खुन को खून लिखें ,अमृत-सा लिखें ,छु को छू करें , !बहुत ही सुन्दर लिखा है आपने। कृपया इसे अन्यथा न लें ! अशेष शुभकामनाएं , सादर ‘एकलव्य VOTED