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6 Mar 2023 · 1 min read

💐Prodigy Love-32💐

Oh Dear!
We are walking together.
You can ask me.How.
You can’t ask me.How.
Because,you know very well.
Our heart, breathe and mind is very synchronize.
Reply of second is that we would think best for us.
World is flowing.but we are not.
We are being trapped in illusion.
Nevertheless,we shall not trapped.
We are emancipate.
Fear is not our loopholes.
It is our hope.
It is Inevitable which make us strong.
Fear is not fear.it is very dear.
All is in chain.
We are entrenching and shall entrenching.
Totally,we are subtle and huge as well.
It is not obstacle.
Let We need it.
Let We feel it.
By which, really,we shall become strong.
God is remembering us.
Don’t worry.
Oh Dear!
©® Abhishek Parashar “Aanand”

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