Jan 7, 2022 · 1 min read

My Expressions

For pittance of gratification expectation of favours are enormous, once falling in this trap makes an individual monetary slave with no command on “self” and no path for reversal.

77 Views
You may also like:
बस करो अब मत तड़फाओ ना
Krishan Singh
पितृ महिमा
मनोज कर्ण
मयंक के जन्मदिन पर बधाई
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
कन्यादान क्यों और किसलिए [भाग ७]
Anamika Singh
पिता ईश्वर का दूसरा रूप है।
Taj Mohammad
मुस्कुराहटों के मूल्य
Saraswati Bajpai
मातृ रूप
श्री रमण
महाप्रभु वल्लभाचार्य जयंती
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
प्रकृति का उपहार
Anamika Singh
पिता की अभिलाषा
मनोज कर्ण
मुसाफिर चलते रहना है
Rashmi Sanjay
यही तो मेरा वहम है
Krishan Singh
🌷मनोरथ🌷
पंकज कुमार "कर्ण"
एक ख़्वाब।
Taj Mohammad
मै हूं एक मिट्टी का घड़ा
Ram Krishan Rastogi
💐💐प्रेम की राह पर-10💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
【26】**!** हम हिंदी हम हिंदुस्तान **!**
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
अब कहां कोई।
Taj Mohammad
धरती माँ का करो सदा जतन......
Dr. Alpa H.
तू एक बार लडका बनकर देख
Abhishek Upadhyay
हम भी है आसमां।
Taj Mohammad
*कथावाचक श्री राजेंद्र प्रसाद पांडेय 【कुंडलिया】*
Ravi Prakash
=*तुम अन्न-दाता हो*=
Prabhudayal Raniwal
पिता - जीवन का आधार
आनन्द कुमार
"बेटी के लिए उसके पिता क्या होते हैं सुनो"
rubichetanshukla रुबी चेतन शुक्ला
दिल टूट करके।
Taj Mohammad
My Expressions
Shyam Sundar Subramanian
माँ तेरी जैसी कोई नही।
Anamika Singh
इंसाफ हो गया है।
Taj Mohammad
पिता क्या है?
Varsha Chaurasiya
Loading...