Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
29 Apr 2022 · 1 min read

My Expressions

The borrowed money may be repaid but gratitude can never be returned.

Language: English
Tag: Quotation
2 Likes · 289 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Follow our official WhatsApp Channel to get all the exciting updates about our writing competitions, latest published books, author interviews and much more, directly on your phone.
Books from Shyam Sundar Subramanian
View all
You may also like:
*जी लो ये पल*
*जी लो ये पल*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
एक ऐसी दुनिया बनाऊँगा ,
एक ऐसी दुनिया बनाऊँगा ,
Rohit yadav
श्री रामनामी दोहा
श्री रामनामी दोहा
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
मैं खुश हूँ! गौरवान्वित हूँ कि मुझे सच्चाई,अच्छाई और प्रकृति
मैं खुश हूँ! गौरवान्वित हूँ कि मुझे सच्चाई,अच्छाई और प्रकृति
विमला महरिया मौज
अब न करेगे इश्क और न करेगे किसी की ग़ुलामी,
अब न करेगे इश्क और न करेगे किसी की ग़ुलामी,
Vishal babu (vishu)
अरे लोग गलत कहते हैं कि मोबाइल हमारे हाथ में है
अरे लोग गलत कहते हैं कि मोबाइल हमारे हाथ में है
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
71
71
Aruna Dogra Sharma
हम भारत के लोग उड़ाते
हम भारत के लोग उड़ाते
Satish Srijan
इंकलाब की तैयारी
इंकलाब की तैयारी
Shekhar Chandra Mitra
मत जला जिंदगी मजबूर हो जाऊंगा मैं ,
मत जला जिंदगी मजबूर हो जाऊंगा मैं ,
कवि दीपक बवेजा
कुछ लिखा हू तुम्हारी यादो में
कुछ लिखा हू तुम्हारी यादो में
देवराज यादव
" की बोर्ड "
Dr Meenu Poonia
धूल जिसकी चंदन है भाल पर सजाते हैं।
धूल जिसकी चंदन है भाल पर सजाते हैं।
सत्य कुमार प्रेमी
जज़्बा
जज़्बा
Shyam Sundar Subramanian
लो विदा अब
लो विदा अब
Dr. Girish Chandra Agarwal
"कीचड़" में केवल
*Author प्रणय प्रभात*
कहां पता था
कहां पता था
dks.lhp
बरसात
बरसात
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
💝एक अबोध बालक💝
💝एक अबोध बालक💝
DR ARUN KUMAR SHASTRI
तुम्हारा दीद हो जाए,तो मेरी ईद हो जाए
तुम्हारा दीद हो जाए,तो मेरी ईद हो जाए
Ram Krishan Rastogi
यही समय है!
यही समय है!
Saransh Singh 'Priyam'
पिता
पिता
Dr Parveen Thakur
एक खाली बर्तन,
एक खाली बर्तन,
नेताम आर सी
✍️शहीदों को नमन
✍️शहीदों को नमन
'अशांत' शेखर
💐प्रेम कौतुक-386💐
💐प्रेम कौतुक-386💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
विचित्र प्राणी - डी के निवातिया
विचित्र प्राणी - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
लुटा दी सब दौलत, पर मुस्कान बाकी है,
लुटा दी सब दौलत, पर मुस्कान बाकी है,
Rajesh Kumar Arjun
आस्तीक भाग -छः
आस्तीक भाग -छः
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
*वे ही सिर्फ महान : पाँच दोहे*
*वे ही सिर्फ महान : पाँच दोहे*
Ravi Prakash
वक़्त का भी कहां
वक़्त का भी कहां
Dr fauzia Naseem shad
Loading...