Read/Present your poetry in Sahityapedia Poetry Open Mic on 30 January 2022.

Register Now
· Reading time: 2 minutes

” हम कखनो -कखनो भसिया जाइत छी”

” हम कखनो -कखनो भसिया जाइत छी”
डॉ लक्ष्मण झा ” परिमल ”
========================
इ कोनो आश्चर्यक गप्प नहि थिक ! उम्र बेसी भेने लोक भसिया जाइते छैक ! हमहूँ 70 टपि 71 मे प्रवेश केलहुं ! बच्चा सब कहैत छलाह ..’बाबु जी आहूँ कंप्यूटर सीख लिय ..बढ़ काजक अछि ! ‘ पहिने अबुह लागल परंच किछु प्रयत्न केलहुं आ किछु -किछु सीखलहूँ !
सरिपहुं इ अद्भुत यन्त्र भेटि गेल ! व्हात्सप्प ..मैसेंजर ..स्काईप ..विडिओ कालिंग आ सहस्त्रों सुज्जजित विधा सं परिपूर्ण भऽ गेलहुं ! आब चक्रव्यूह भेदक विधा तऽ अभिमन्यु बनि सीखय पडल मुदा उदर मे नहि ! ज्ञान फेसबुक परमाणु शास्त्र क छल ! किछु समय उपरांत हम धनुर्धारी बनि गेलहुँ ! देखैत -देखैत अप्पन सेन्य संगठन केलहुं ! मित्रक संख्या आपर भऽ गेल !
अप्पन प्रोफाइल मे अप्पन पता ठेकान नहि देलहुं ! कॉलेज क दर्शन आजन्म नहि भेल ..मुदा हम ” बिहार यूनिवर्सिटी ” सं ‘पी ० एच ० डी० केने छी ! रहब गाम मे.त कहब रहित छी ‘झुमरी तलैया ‘ मे ! क्षद्म -युध्य क हम महारथी छी !
अध्ययन तऽ हम करब नहि ! लाइक वाला शस्त्र हमरा प्रिय लगैत अछि तकरे प्रयोग करैत रहित छी ! ओना त हम वरखो धरि सुतल रहित छी परंच अपन जन्म दिन ,विवाहक दिन ,पत्नि क जन्म दिन ,बच्चा के जन्मदिन ,मुंडन इत्यादि अवसर पर सभक शुभकामना आ आशीष क लेल कुम्भकरणक नींद टूटी जाइत अछि !
प्रणाम ..अभिवादन ..स्नेह वाला शब्द लिखनाइ हम बिसरि गेल छी ! जखन एकर फोटो उपलब्ध अछि तखन अनेरो लिखब किया ? आ कियो जे लिखता त ओकर समालोचना त हम करबनि नहि आ तपाक सं हुनका सं प्रश्न पुछि देबनि…” इ केना भेल ?…’एकर समाधान की ?
एकटा अद्भुत शस्त्र सेहो हमरा लग अछि ! पहिने लाइक खूब दनादन करैत रहू आ बाद मे भूमिगत भ जाऊ ! सही मे हम आब सठिया गेल छी ..धनुर्धर रहितो पचता रहल छी !
===================
डॉ लक्ष्मण झा ” परिमल ”
साउंड हेल्थ क्लिनिक
एस ० पी ० कॉलेज रोड
दुमका
झारखण्ड
भारत

1 Like · 12 Views
Like
Author

Enjoy all the features of Sahityapedia on the latest Android app.

Install App
You may also like:
Loading...