Read/Present your poetry in Sahityapedia Poetry Open Mic on 30 January 2022.

Register Now
· Reading time: 1 minute

सुन्नर सपना

सुन्नर सपना (कविता)

पाएर मे सिकड़ नइ दिअ
झूठका बन्हन नै बान्हु
उधिआबए चंचल हवा मे
बेस इतिहास मे डुबा दू

उमंग अछि इतिहास रचब
ताउ हो तन मन मे
श्रेष्ठ बनि बेस श्रेष्ठ रहि
इतिहास के दोहराउ

अंगप्रदेश अछि घर आँगन
संबंधी बज्जि संघ अछि अपन
संस्कृति संस्कार सँ जोड़ब
हम छी गौरवशाली मे बसल

समय चक्र के धौब पहिने
नै बेसी लोभ करब अन्न धन के
इजोरिया मे चाहै छी आनब
भटकल संबधी अछि अपन

वेदान्त श्रेष्ठ मात्रभूमि वंदन
सिद्धांत से इजोत दुनिया मे
एक मिसिया नै खुन बहै किनको
हे मात्यभूमि वरदान देिअ

संजोएनै छी सपना सच हो
किनको आँखि आंसू नै आबै
बौध्द के आशीष भैटय
सुत्र अछि गौरव वैशाली

लिच्छवि वीर आरो कर्णक
सलहेश गाथा गुजै कान मे
बेस वीरगथा सभऽ इयाद रहै
वीर केर धरती अछि अपन

जनक धिया जानकी बहिन
पाहुन राम के सभ्भ माया हो
राजा विदेह के छाया रहै
उज्जवल भविष्य अछि अपन

चान उतरे खेत खरियान मे
भारतवर्ष केर गरिमा मे
हम विधापति जेहने बनू
सभ्भ केओ अपन कहि इठलाबै

मौलिक एवं स्वरचित
© श्रीहर्ष आचार्य

32 Views
Like
Author
विधा नन्द सिंह उपाख्य : श्रीहर्ष आचार्य शिक्षा : एम.एस-सी., एम.बी.ए. जन्म तिथि-1996 मैथिली, हिन्दी,संस्कृत ,खोरठा,अंग्रेजी,अवधी,बंगाली ब्रजभाषा,मगही में गजल, दोहा, गीत,कविता ,उपन्यास लेखन सम्मान/पुरस्कार : सरस्वती साहित्य सम्मान, ब्रजभाषा गौरव…

Enjoy all the features of Sahityapedia on the latest Android app.

Install App
You may also like:
Loading...