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सीता आ राम

सीता आ राम
मैथिल के सीता आ राम।
बहिन सीता आ बहनोई राम।।

जगत के सीता आ राम।
पत्नी सीता आ पति राम।।

ब्रह्मांड के सीता आ राम।
आत्मा सीता आ परमात्मा राम।।

आदमी के सीता आ राम।
आत्मा सीता आ परमात्मा राम।।

धरती के सीता आ राम।
मनुष्यता के सीता आ राम।

सगुण के सीता आ राम।
निर्गुण के सीता आ राम।।

मानव के सीता आ राम।
रामा अपने अपने सीता राम।।

स्वरचित © सर्वाधिकार रचनाकाराधीन
रचनाकार-आचार्य रामानंद मंडल सामाजिक चिंतक सीतामढ़ी।

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मैथिली और हिन्दी कविता कहानी लेखन

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