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” सम्बोधन ,शालीनता आ शिष्टता क इंजेकशन “

डॉ लक्ष्मण झा “”परिमल “”
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हमरा विचित्र रोग सनिहा गेल अछि ! कियो हमर लेख ,कविता ,व्यंग आ ख्खिसा पिहानी क समालोचना ,टिप्पणी ,प्रशंसा आ आभार व्यक्त करताह हुनका थैंक यू आ धन्यवाद कहि देबनि ! बहुत गोटे किया न श्रेष्ठ रहथि ,समतुल्य आ कनिष्ठ रहथि ,वो हमर जन्म दिनक अवसर पर किया न अप्पन अभिव्यंजना प्रशस्ति स्वरूप व्यक्त केने रहथि ! पहिने त हम प्रतिकात्मक आभार प्रकट करबाक प्रयत्न करबनि नहि आ यदि करबो करब त “”थैंक यू “” कहि देबनि ! कियो- कियो एहि रोगक इलाज मे लागल छथि ! ” सम्बोधन ,शालीनता आ शिष्टता “क वेकसीन क आविष्कार त भ गेल अछि ! कियो कहैत छथि प्रतिउत्तर लिखबा सं पहिने “”सम्बोधन “” करि , लिखबा मे “” शालीनता”” क समावेश हेबाक चाहि आ “” शिष्टता “” प्रणाम ,अभिनंदन ,सस्नेह ,दुलार ,बधाई ,शुभकामना इत्यादि सं समाप्त हेबाक चाहि ! …..ओ बाबू …….एहन उपचार हमरा पुते नहि हैत ! जाय दिऔनि हुनका ,,,,,राखि दिय हमरा कोरेण्टिन मे …….बना लेथु सोशल डिसटेन्सिन ……मुदा हम इ इंजेकशन नहि लेब …नहि लेब ……नहि लेब !!
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डॉ लक्ष्मण झा “”परिमल “”
साउंड हैल्थ क्लीनिक
एस 0 पी 0 कॉलेज रोड
दुमका

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