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माँ

माँ
गे माँ
सुन ने कने
दुलार ने पाबि कनिको
हम कानी बिनु तोहर
के हमर एहि जग मे
आउ हे माँ करू दुलार कने

माँ गे
केकर आस करू
सब टाका केर चिन्हे
टूअर जगसँ ठुकरायल
केकरा कहू माँ हम
के हमर एहि जग मे
आउ हे माँ करू दुलार कने

माँ
गे माँ
आँचर तऽर झांपि लिय
ले सटा अपन करेजसँ
एक बेरि तऽ माँ ताकू ने
हे शीतला मैया कने बाजू ने
के हमर एहि जग मे
आउ हे माँ करू दुलार कने

मौलिक एवं स्वरचित
© श्रीहर्ष आचार्य

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Author
विधा नन्द सिंह उपाख्य : श्रीहर्ष आचार्य शिक्षा : एम.एस-सी., एम.बी.ए. जन्म तिथि-1996 मैथिली, हिन्दी,संस्कृत ,खोरठा,अंग्रेजी,अवधी,बंगाली ब्रजभाषा,भोजपुरी,मगही में गजल, दोहा, गीत,कविता ,उपन्यास लेखन सम्मान/पुरस्कार : सरस्वती साहित्य सम्मान, ब्रजभाषा गौरव…

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