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” भाषाक प्रयोग हमर कलम सं “

डॉ लक्ष्मण झा “परिमल
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हम मुख्यतःअपन विचार मात्र तीन भाषा मे कहैत छी ! विश्वस्तरीय विषयक मंथन अंग्रेजी भाषाक माध्यमे करबाक प्रयास रहैत अछि ! निकलि पडैत छी संसारक व्यथा आ उपलब्धि जानय लेल ! नीक आ अधलाह सबहक आंकलन करैत अपन प्रशंसा अथवा आलोचना लिखवा सं कथमपि परहेज नहि कयलहूँ ! अंग्रेजी भाषा के सम्पूर्ण विश्व अवलोकन आ मनन करैत अछि ! आब देशस्तरीय मे हिंदी कें प्रधानता अनिवार्य छैक ! ताहि संगे अंग्रेजी व्यंजन सबकें स्वादिष्ट लगैत छनि ! हम शिष्टाचारक परिधि मे नचैत किछु न किछु लिखैत रहैत छी ! मैथिली भाषा मे अपन उदगार ,विचार आ प्रतिक्रिया संतुलित रूपेण लिखैत छी ! एकटा गप्प त अवश्य कहब विश्वक समस्त भाषा कें आदर आ सम्मान देब हमर कर्त्तव्य अछि !
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डॉ लक्ष्मण झा ” परिमल ”
साउंड हेल्थ क्लिनिक
एस ० पी ० कॉलेज रोड
दुमका
झारखण्ड
भारत

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