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भगम भग्गी फैशन (हास्य कटाक्ष)

बाबा बड़बड़ाइत बजैत रहै जे आब केकरा रोकू? हे केकरा टोकू? ई छौंड़ा छौंड़ी सब त एकटा फैशन जेंका बना लेलक? ई भगम भग्गी फैशन जे ने कराबै? खून खूनामे, केस फौदारी, पुशतियाही दुशमनी जे ने कराबै? तइयो लोक नै चेतल आ नै समाधान करै जाई गेल? अपने भोगान भोगै जाइत की? एतेक भगम भग्गी होइ लगलै जे रोज कोनो गाम शहर मे होइते रहै छै? आ गाम समाज मुँहतक्का बनल रहैईए की? सबट्टा निरलज्जा सब लाज धाख बिसैर जाइ जाइ गेल?
हम बाबा स पूछली की होलै बाबा भोरे पहर एतना कैलै बड़बड़ी करै छहू? बलू हरदम छौंड़ा छौंड़ी सबके फैशन पर खिसिआई छहू कैले? जबान लइका बच्चा सब हइ त फैशन न करतै त की तोरे सन दिन भरि बघंबर पहिरने रहतै? नबका जमाना हइ त फैशनो ने करौ? एते बोलै छहू भने कोई पूजो करै लै नै अउतहो तब की करबहो? असगरे भागेसर पंडा संगे तोंई तमाकुल खाईत रहियौ हम्मे त आब घूइरो के नै अएबौ?
हमर बात सुनके बाबा बोललकै हौ कारीगर तंहू की ताल करै मे छह? एक जुम तमाकुल खुआबह हे नीचेन स सबटा गप कहै छिअह. हम बाबा लै तमाकुल चुनाबै लगली आउर बाबा बोलैत रहलै हौ छौड़ा छौंड़ी सब कपरा लता, साज सिंगार, देहदेखौआ फैशन सब करैए से अपन करै जा लेकिन ई लगले भगम भग्गी वला फैशन पर उतारू भऽ जाइए से एकदम बरदास्त स फाजिल?
हम बाबा के चुनाउल तमाकुल देली औरी पूछली जे भगम भग्गी फैशन ई कोन नबका फैशन एलै हौ बज़ार मे तोंई की बोलै छहो?
बाबा बोललकै एह देखै नै छहक गामे गाम छौंड़ा छौड़ी भगम भग्गी क रहल छै? एकटा फैशन बना लेलक ई छौंड़ा छौंड़ी सब? कोनो लाज धाक नै? हौ भाए बहिन तक मनबा लै तैयार नै? कहतह जे हमरा प्यार यै? एहेन कोन प्यार भेलैए जे भाए बहिन लोक लाज तक नै बुझतै? छौंड़ा छौंडी सबके एतबे मोन लचलटाई छै त अपना अपना गारजियन के कहौ बिआह कऽ दै लै? लगले सेहंता पूर भऽ जेतै की? ई सब चुपेचाप वाट्सएप पर भांज लगौने रहतह आ राता राति भगम भग्गी कए लेतह? हौ बिआह ठीक भऽ गेल रहै छै तइयो कतेक छौंड़िया सब भागि जेतह की? आ ई सरधुआ छौंड़ा सब बाल बच्चेदार रहितौ छौंड़ि सबहक फेर मे रहतह आ लाथ केहेन जे हमरा बसपन का प्यार कहीं भूइल नै जाना?
हम बजली हं ई भग्म भग्गी बड्ड चिंता के गप हइ क बाबा? बलू गाम समाज के लोक कुछो नै करतहो? हमर गप सुनके बाबा खौंजा गेलौ अउरी बोललकौ हे समाजक लोक तमस्सा देखतह की? फलां के बेटी भगलै कीने? फलां घर मे एना भेलै ने,
हमरा कोन मतलब? ई मौगिया सब दिन भरि शिव गुरू मे चिकरैत रहतह आ एक्को बेर चिंता नै करतह जे ओक्कर बेटी उढ़ड़लै अपटलै की कोनो छौंड़ा संगे परेलै? चिकरैत रहतह जागह जागह महादेब? कहअ त हमर त्रीनेत्र ट्वंटी फोर ऑवर जागल रहैइए?
हमरा जगेबा स नीक जे अपना धिया पूता के साशन मे राख ओकरा जगा के राखै जो जे ई भग्म भग्गी वला फैशन नै करै जो?
बाबा स हम पूछली जे ई मरदाबा सब नै कुछो डांट डपट करै छहो? ओकरा सबके नै कोनो चिंता फिकीर हइ की? बाबा बोललकै हौ ई मुंसा सब अनका भरोसे बैसल तमस्सा देखै मे बेहाल छै की? कोई पंचायत पोलटिक्स मे त कोई चमचै मे त कोई अठजाम भागवत के मनेजरी में? ताबे एम्हर छौंड़ा छौंड़ी भाइग परा जाउ धैन सति लै? अनकर भगलै कीने? आ ज अप्पन बेटी परा जाउ तब कान कपार पीटतह यौ बाबा हमर लड़की भाइग गेल ताकि दियअ यौ. हम की तकबै आ तूं की तकबहक? छौड़ा छौंड़ी कोर्ट मैरिज केनैहिंए औतह? भागेसर पंडा के कतेक बेर कहलियै जे एक बेर बैसार करै जाह सब मिली भगम भग्गी फैशन के रोकै जाह त भागेसरो कानून बतियाइ हमरा कोन काज? जेकरा घर भगलै से जनौ? आ जहिया भागेसर के बेटी गामे छौड़ा संगे दिल्ली परा गेल त बपहारि कटैत रहै जे जुलुम भऽ गेलै? अई भगम भग्गी दुआरे केस फौदारी खून खूनामे दुशमनी तक भऽ रहल आ तइओ समाजक लोक चेतल नै आ छौँड़ा छौंड़ी के समाजिक मरजादा के शिक्षा नै दअ रहल?

लेखक- डाॅ. किशन कारीगर
(©काॅपीराईट)

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कवि परिचय:- किशन कारीगर ( मूल नाम- डाॅ. कृष्ण कुमार राय). जन्म:- 5 मार्च 1983ई.(कलकता मे)। शिक्षाः- पीएच.डी(शिक्षाशात्र), एमएमसी(मास कम्युनिकेशन),एम्.एड,बी.एड, पि.जी.डिप्लोमा(रेडियो प्रसारण) । मैथिली/हिंदी/ बांग्ला मे किशन कारीगर उपनाम से…

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