Read/Present your poetry in Sahityapedia Poetry Open Mic on 30 January 2022.

Register Now
· Reading time: 1 minute

मनुष बंटल।

मनुष बंटल
—————-
धरम से देश बंटल।
हिन्दूस्तानआ पाकिस्तान बनल।।

भाषा से राज्य बंटल।
बंगाल आ बिहार बनल।।

जाति से समाज बंटल।
बाभन आ सोलकन बनल।।

धरम से मनुष बंटल।
हिन्दू आ मुसलमान बनल।।

भाषा से मनुष बंटल।
बंगाली आ असमिया बनल।।

जाति से मनुष बंटल।
उच्च -नीच के जात बनल।।

जड़ में धरम रहल।
सभ्यता आ संस्कृति बटल।।

मनुष विचार में बंटल।
रामा तैं मनुष बंटल।।

स्वरचित © सर्वाधिकार रचनाकाराधीन

रचनाकार-आचार्य रामानंद मंडल सामाजिक चिंतक सीतामढ़ी।

39 Views
Like
Author
57 Posts · 4.7k Views
मैथिली और हिन्दी कविता कहानी लेखन

Enjoy all the features of Sahityapedia on the latest Android app.

Install App
You may also like:
Loading...