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” आबि गेलहुं न’ हमर चक्कर मे “

डॉ लक्ष्मण झा “परिमल ”
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लिखू बड़का लेख ,
सस्मरणक आलेख .
छापि लिय अपन कविता .
अंग्रेजीभाषा मे
विश्व पर ब्लॉग लिखू !
किया नहि ?……
भरि दिन……… ,
राति -राति
अपन रचना मे लागल रहू !
इ नहि आभास भेल .
आँखिक की हाल हैत ?….
रेडीयेसनक कुप्रभाव सं
हृदयों….. बेहाल हैत !!
लिखैत रहू….. खूब लिखू ,
हम त ……ओतेक पढलो नहि छी !
आहांक मन रखय लेल ,
लाइक वाला बटन
सदिखन दबबैत रहित छी !
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डॉ लक्ष्मण झा “परिमल ”
दुमका

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