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हो युवा तो हुंकार भरो

हो युवा तो हुंकार भरो
तुम न किसी से अब डरो
जीवन सफल होगा तभी
कोशिश तुम अब तो करो।।

हो पहाड़ सी बाधा अगर
फिर भी तुम उसे चढ़ो
रुकना नहीं तुम कभी भी
बस तुम आगे बढ़े चलो।।

जो भी करना है दिल से करो
डरना है तुम्हें तो नशे से डरो
है ऊर्जा तुममे जो उसका तुम
उपयोग हमेशा सलीके से करो।।

जोश के साथ होश भी रखो
दरिया में तैरने की हिम्मत भी रखो
करो लहरों से मुकाबला तुम
दरिया पार करने की चाहत भी रखो।।

हार से तुम कभी घबराना नहीं
कोशिश में कोई कमी लाना नहीं
जीतना निश्चित है तेरा ये जंग
हौसला ये कभी तुम छोड़ना नहीं।।

उम्मीद हो तुम भविष्य की
संवारो तुम अपने आज को
जो करना है करो तुम अभी
कल पर न छोड़ो काज को।।

करो प्रण तो कुछ भी पा सकते हो
आसमान से तोड़कर तारे ला सकते हो
लगाओगे ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में तो
तुम देश को बहुत आगे ले जा सकते हो।।

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Author
कवि एवम विचारक

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