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है दुख में जनता…{मत्तगयंद सवैया छंद}

है दुख में जनता…{मत्तगयंद सवैया छंद}
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है दुख में जनता वह जान रहा दुख से अनजान बना है,
तुच्छ हुए हम देकर वोट कि लेकर आज महान बना है,
क्यों जितना छल जो करता जग में उतना गुणवान बना है?
झूठ हजार परोस रहा पर भारत में भगवान बना है।

– आकाश महेशपुरी
दिनांक- 31/05/2020

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संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मो. न. 9919080399 मूल नाम- वकील कुशवाहा जन्मतिथि- 15 अगस्त 1980 शैक्षिक योग्यता- स्नातक ॰॰॰ प्रकाशन- सब रोटी का खेल (काव्य संग्रह)…

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