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दो भारत

हमारा देश दुनिया भर में
बदनाम न हो जाए कहीं
हमें नीचा दिखाना एकदम
आसान न हो जाए कहीं…
(१)
तुम मत कहो इस धर्म ने
साथ तुम्हारे क्या किया
गैरों में हमारी इज़्ज़त
नीलाम न हो जाए कहीं…
(२)
घर की बात घर ही में
बनी रहे तो बेहतर है
ये बाहर जाकर चर्चा का
सामान न हो जाए कहीं…
(३)
वैसे ही हमारे दुश्मन
फैले हुए हैं चारों तरफ़
उनके सामने कम हमारी
शान न हो जाए कहीं…
(४)
विश्वगुरु बनने का हमारा
सदियों पुराना यह सपना
इतनी मेहनत के बावजूद
नाकाम न हो जाए कहीं…
(५)
भारतीय संस्कृति के नाम पर
बनाई हुई जो आज तक
एक ही झटके में धूमिल वह
पहचान न हो जाए कहीं…
(६)
बड़े-बड़े देशों में ऐसे
वारदात तो होते रहते हैं
इन्हें लेकर बिल्कुल बागी
अवाम न हो जाए कहीं…
#Geetkar
Shekhar Chandra Mitra
#अवामीशायरी #इंकलाबीशायरी
#चुनावीशायरी #सियासीशायरी
#वीरदास #TwoIndias

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Lyricist, Journalist, Social Activist

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