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दान महादान का दिन ___ घनाक्षरी

दान महादान का दिन आज आया भाई।
अपने हाथो से कुछ दान तुम कीजिए ।।
सबको मिला है मौका चूकना नहीं है हमे।
बहुत मिलेगा पुण्य सभी सुन लीजिए ।।
जितना भी दे सकते हो श्रद्धा भक्ति भाव से।
अपने दोनो हाथों से अन्न धान दीजिए।।
मकर राशि में चल दिए सूर्य देव बंधु ।
पर्व आज संक्रांति संकल्प चुन लीजिए।।
राजेश व्यास अनुनय

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रग रग में मानवता बहती। हरदम मुझसे कहती रहती। दे जाऊं कुछ और ,जमाने तुझको, काव्य धारा मेरी ,ऐसी बहती ।। राजेश व्यास "अनुनय" 8823815691

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