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तुम कहती थी इश्क ख़ुदा का नाम हैं।

तुम कहती थीं इश्क ख़ुदा का नाम है।
तुम कहती थीं इश्क से ही ये ज़हान हैं
तुम कहती थीं कि इश्क गीता और कुरान हैं
तुम कहती थीं इश्क शरीर और प्राण हैं।

हमनें भी ये मान लिया सब कुछ तुम पे वार दिया
तुम्हें पाने की ख़ुदा से सजदें हमनें सौ बार किया
मन्नतें हर दरवार में तुम्हारे लिए मैं मांग लिया
अब तो आ जाओ मेरी दुनिया में मैंने तुमसे इजहार किया

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