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छप्पय छंद

छप्पय छंद

गंगा निर्मल धार, देश खुशहाली लायी। धरती करे किलोल, क्षेत्र हरियाली छायी।।
फैल रहा मकरंद,भोर की शोभा न्यारी।
अंग लपेटे रंग, खिली मदमाती क्यारी।।
वर्ण भेद सब भूल कर, लगे सुखद संसार है।
मंत्रों का तप भूमि पर, गूँज रहा उच्चार है।।

डॉ. रजनी अग्रवाल “वाग्देवी रत्ना”
वाराणसी (उ. प्र.)

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 अध्यापन कार्यरत, आकाशवाणी व दूरदर्शन की अप्रूव्ड स्क्रिप्ट राइटर , निर्देशिका, अभिनेत्री,कवयित्री, संपादिका समाज -सेविका। उपलब्धियाँ- राज्य स्तर पर ओम शिव पुरी द्वारा सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार, काव्य- मंच पर "ज्ञान…

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