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खुदा ही जानें।

क़िस्मत से लड़कर कौन जीता है जो अब हम जीत जाएंगे।।
यह बस खुदा ही जानें ज़िन्दगी में हम क्या खोये क्या पाएंगे।।

ऐसा ना हो कल को और वक्त ना मिल पाए यूँ जीने के लिए।।
गर गए जो तुर्बत में तो चाहकर भी तुमसे हम मिल ना पाएंगें।।

✍✍ताज मोहम्मद✍✍

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मैं कोई कवि या शायर नहीं हूं बस आप लोगों को पढ़कर उनसे सीख कर कुछ लिख लेता हूँ। अगर आपको मेरी लेखन में कोई गलती नज़र आये तो बराये…

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