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कामद कंचन काया

*** कामद कंचन काया***
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कामुक कामद कंचन काया,
सुंदर सलिला साहिल साया।

मंजुल मोहक मोहिनी मूरत,
सुखद स्वप्न संजोती सूरत।

अर्ध अधर अधरस अपनाता,
निर्मल निश्चल निर्झर नाता।

किंचित काले केश कंचनिया,
केसर कल्क कचूर केसरिया।

मनसीरत मन मुग्धा में मुग्ध,
सहचरी सरस सहज सी सुध।
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सुखविंद्र सिंह मनसीरत
खेड़ी राओ वाली (कैथल)

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सुखविंद्र सिंह मनसीरत कार्यरत ःःअंग्रेजी प्रवक्ता, हरियाणा शिक्षा विभाग शैक्षिक योग्यता ःःःःM.A.English,B.Ed व्यवसाय ःःअध्ययन अध्यापन अध्यापक शौक ःःकविता लिखना,पढना भाषा ःःहिंदी अंग्रेजी पंजाबी हिन्दी साहित्यपीडिया साईट पर प्रथम रहना प्रतिलिपि…

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