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करोना की खूंखार संतान

क्या सोचा था और क्या हो गया,
करोना से मुक्त न कोई जन हुआ।
ब्याह तो किया करोना का करोनी से,
सोचा था इंसानों को डराना छोड़कर ,
अपनी गृहस्थी में उलझ कर रह जायेगा ।
मगर उसने तो अपना खानदान ही बड़ा लिया ।
ओमीक्रोम नाम दिया अपने बच्चे को ,
जो इनसे भी चार कदम आगे निकल लिया ।
वायरस की दुनिया में आकर इसने ,
तहलका ही मचा कर रख दिया ।
हम इंसानों की जिंदगी में आकर इसने ,
फिर से वही डर और दहशत का माहोल बना दिया ।
सही कहा किसी ने रावण की औलाद ,
रावण जैसी तो होगी ,बस वही हो गया।
यह ओमीक्रॉम नाम का भयंकर राक्षस ,
बाकी करोना राक्षसों से शक्तिशाली हो गया ।

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Author
नाम -- सौ .ओनिका सेतिआ "अनु' आयु -- ४७ वर्ष , शिक्षा -- स्नातकोत्तर। विधा -- ग़ज़ल, कविता , लेख , शेर ,मुक्तक, लघु-कथा , कहानी इत्यादि . संप्रति- फेसबुक…

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