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आया है पर्व अब अनोखा मत दो किसी को धोखा

आया है पर्व अब अनोखा
मत दो किसी को धोखा
खाते हैं सब लाल चूड़ा
ठंडी के मौसम में
मकर संक्रांति
दिनभर पतंग उड़ाता हूं
दही चुरा का आनंद उठाता हूं
आया है पर्व अनोखा
मत दो किसी को धोखा

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