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हे गंगा माई हमके आशीर्वाद द

हे गंगा माई
हमके आशीर्वाद द
निमन विचार द
शब्दन के भंडार द
पाप के आगे हम कबो झुकी न
कलम के रूप में हथियार द
तोहार कलकल जल बहत रहे
सदा निर्मल रहलबा सदा निर्मल रहे
पुरा देशवासी एक साथे तोहार जल
अइसहने पीयत रहे
माई हउ बेटा निहोरा करता
हमार शब्दन के पुजा स्वीकार ल
हे गंगा माई हमके आशीर्वाद द

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नाम हरिनारायण साहू है और तनहा के तकल्लुस से लिखते हैं | कम्प्यूटर इंजीनियरींग में बैचलर आफ इंजीनियरिंग के छात्र हैं | कविता , गजल , गीत , दोहा ,…

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