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सेट चल रहल बा

जबसे 4G वाला मोहबाइल में ,इंटरनेट चल रहल बा।
सबकुछ सेट चल रहल बा, सबकुछ सेट चल रहल बा।
चंगु – मंगु , घुरहु -निरहू एंड्राइड फ़ोन चलावत बाटें।
मैसेंजर, व्हाट्सएप पर ,अपने चिरई से बतियावत बाटें।
मैसेज झट से पहुँचत बा ,स्पीड में नेट चल रहल बा।
सबकुछ सेट चल रहल बा, सबकुछ सेट चल रहल बा।
कुछ लोगन के चानी बा , त कुछ लोगन के ऊसर बा।
फोन वाला अलग बा नम्बर, व्हाट्सएप वाला दूसर बा।
की- पैड पर टाइपिंग में उंगली, हुरपेट चल रहल बा।
सबकुछ सेट चल रहल बा, सबकुछ सेट चल रहल बा।
गमकौवा सेंट मारके, क्रीम लगाके शर्ट झारके।
फ़ोटो खूबे खिंचात बा ,चश्मा चढ़ा के आ शर्ट उतारके।
खाना- पीना और काम -धाम सब लेट चल रहल बा।
सबकुछ सेट चल रहल बा, सबकुछ सेट चल रहल बा।
-सिद्धार्थ गोरखपुरी

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अपने वक्त को एक आईना दिखा जाऊँगा। आज लिख रहा हूँ कल मैं लिखा जाऊँगा।। -सिद्धार्थ गोरखपुरी

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