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रिमझिम

शब्द- रिमझिम

रिमझिम रिमझिम हो रहल, दोहा के बरसात।
दोहालय लहरत हवे, हरिहर आज बुझात।।

रिमझिम रिमझिम ए सखी, सावन के बरसात।
साजन बिन लागति हवे, नागिन काली रात।२।

मौसम भइल सुहावना, रिमझिम पड़त फुहार।
सावन की साथे सखी, बरसत नैन हमार।३।

सावन के सखि राति में, रिमझिम बा बरसात।
परदेसी निर्मोहिया, मानत नाहीं बात।४।

रिमझिम रिमझिम नैन से, नीर गिरत अविराम।
जब से गोकुल छोडि के, मथुरा गइलन श्याम।५।

गोकुल में सखि राधिका, मथुरा में घनश्याम।
रिमझिम बरसत नैन से, बिरहिनि के पैगाम।६।

#सन्तोष_कुमार_विश्वकर्मा_सूर्य

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