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महक माटी के बोली के…

रहे त्योहार कवनो लोग रसगर गीत गावेला,
सुने केहू तऽ मिसिरी से जियादा स्वाद पावेला।
केहू परदेश में बोले खुशी से झूमि जाला मन,
महक माटी के बोली के सदा अमरित बनावेला।

– आकाश महेशपुरी
दिनांक- 08/11/2021

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संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मो. न. 9919080399 मूल नाम- वकील कुशवाहा जन्मतिथि- 15 अगस्त 1980 शैक्षिक योग्यता- स्नातक ॰॰॰ प्रकाशन- सब रोटी का खेल (काव्य संग्रह)…

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