· Reading time: 1 minute

भगवानजी तोहके बनाके सांचा तोड़ देले होइहें

तोहरा जईसन बनावल अब छोड़ देले होइहें
भगवानजी तोहके बनाके सांचा तोड़ देले होइहें

कान के बाली ओठवा के लाली
काली रे केसिया बिंदीया के लाली
मुस्की बा अइसन जइसे फूलेला गुलाब
जान मारे तोहरे चोलीया के जाली
लागे हमार नसीब तोहसे जोड देले होइहें
भगवानजी तोहके बनाके सांचा तोड़ देले होइहें

सोलह के उमरिया पातर कमरिया
मिलाब न हमरा से अइसे नजरिया
बहिया में आजा करेजा में समाजा
बन गईलु धनिया ए हो रनिया
बस तोहके लिखके पेज मोड देले होइहें
भगवानजी तोहके बनाके सांचा तोड़ देले होइहें

तोहरा जईसन बनावल अब छोड़ देले होइहें
भगवानजी तोहके बनाके सांचा तोड़ देले होइहें

20 Views
Like
Author
नाम हरिनारायण साहू है और तनहा के तकल्लुस से लिखते हैं | कम्प्यूटर इंजीनियरींग में बैचलर आफ इंजीनियरिंग के छात्र हैं | कविता , गजल , गीत , दोहा ,…

Enjoy all the features of Sahityapedia on the latest Android app.

Install App
You may also like:
Loading...