· Reading time: 1 minute

बाबा विश्वकर्मा

बाबा विश्वकर्मा जी के, नमन करत बानी,
देव शिल्पी नमवा से, जाने ला जहनवा।

परबत नदी नाला, झरना करेला हाला,
उहे सिरजवनीं हँ, धरती गगनवा।

महल अटारी सब, चमकत गाड़ी सब,
उहे नू बनावतानी, कल करखनवा।

धर्म पुत्र ब्रह्मा जी के, शिल्प में निपुण हईं,
सत्रह सितंबर के, होखेला पुजनवा।

(स्वरचित मौलिक)
#सन्तोष_कुमार_विश्वकर्मा_सूर्य
तुर्कपट्टी, देवरिया, (उ.प्र.)
☎️7379598464

78 Views
Like

Enjoy all the features of Sahityapedia on the latest Android app.

Install App
You may also like:
Loading...