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बदरिया जान मारे ननदी

बदरिया जान मारे ननदी
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देखअ डूबल जाला घर लोटा थरिया
बदरिया जान मारे ननदी
बिना खइले कटे दिन दुपहरिया
बदरिया जान मारे ननदी

आटा दाल दहि गइल
बोवल धान बहि गइल
पिया कइसे जइहें करे हो मजुरिया-
बदरिया जान मारे ननदी
बिना खइले…..बदरिया…..

नून रोटी तनी आइत
बाबू रोवताटे खाइत
भूख सहेके ना हवे ई उमिरिया-
बदरिया जान मारे ननदी
बिना खइले…..बदरिया…..

लावअ फोन करीं तनी
कहीं भइया अइहअ जनि
येने टूटल बाटे सगरी डगरिया-
बदरिया जान मारे ननदी
बिना खइले…..बदरिया…..

– आकाश महेशपुरी
दिनांक- 27/07/2019

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Author
संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मो. न. 9919080399 मूल नाम- वकील कुशवाहा जन्मतिथि- 15 अगस्त 1980 शैक्षिक योग्यता- स्नातक ॰॰॰ प्रकाशन- सब रोटी का खेल (काव्य संग्रह)…

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