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जहिया भरपेटा पी लेला

पी के घुमे बाजार तऽ ओकर जोश जागेला
गीरेला केतनो मार ना चढ़ल भूत भागेला

पी के झगरा फरिआवेला
हीक हीक भर गरिआवेला
मानेक परी बाटे बूता
डटल रहेला खा के जूता
लोगवा दे कुर्ता फार तऽ ओकर जोश जागेला
गीरेला केतनो मार ना चढ़ल भूत भागेला

मउगी जे तनिको बोलेले
दारू पियला से रोकेले
पागल हऽ लागेला पीटे
गहना-बीखो सगरी छींटे
बेचेला कंगन हार तऽ ओकर जोश जागेला
गीरेला केतनो मार ना चढ़ल भूत भागेला

पी लेला तऽ धावे लागे
गीत उरेबी गावे लागे
चलेला हरदम अङ्हुआ के
गीरेला मोरी में जा के
पाँको से पावे प्यार तऽ ओकर जोश जागेला
गीरेला केतनो मार ना चढ़ल भूत भागेला

पीये तऽ पीयेला मन से
बदबू फेंके पूरा तन से
समझावे केहू आवेला
गारी दे जब मुँह बावेला
दे सातो पीढ़ी तार तऽ ओकर जोश जागेला
गीरेला केतनो मार ना चढ़ल भूत भागेला

जहिया भरपेटा पी लेला
जिनिगी से बेसी जी लेला
पूरा देहिये हो जा पीयर
हो जाला ऊ मुर्दा नीयर
कि सुई घोपाला चार तऽ ओकर जोश जागेला
गीरेला केतनो मार ना चढ़ल भूत भागेला

सगर खेत बगइचा बेचलस
दारू में अइसन का देखलस
मुँवे के माहुर खोजेले
मेहरारू रोजे रोवेले
आ लइकें करें चिघार तऽ ओकर जोश जागेला
गीरेला केतनो मार ना चढ़ल भूत भागेला

– आकाश महेशपुरी
दिनांक- 21/10/2008

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Author
संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मो. न. 9919080399 मूल नाम- वकील कुशवाहा जन्मतिथि- 15 अगस्त 1980 शैक्षिक योग्यता- स्नातक ॰॰॰ प्रकाशन- सब रोटी का खेल (काव्य संग्रह)…

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