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पिया पी के रहे पगलाइल

कूलर फिरिज बेंचि आइल बाटे टिबियो उठऽवले
पिया पी के रहे पगलाइल बाटे नरक बनऽवले

बाबूजी ई कहलें दामाद बाड़ें आला
सोचनी ना बुझनी पेन्हाइ दिहनी माला
तहिये से जिनिगी हेराइल बाटे रोंवा डहकऽवले-
पिया पी के रहे पगलाइल बाटे नरक बनऽवले

नइहर से मिलल बाटे पलँग रजाई
बाकि पिया सुति जाला रोडवे प जाई
आजुओ सनेस बा सुनाइल बाटे नाक कटवऽवले-
पिया पी के रहे पगलाइल बाटे नरक बनऽवले

लोग के टिभोली नाहीं तनिको सहाला
सरबिया ब कहे लोग माथ झुकि जाला
रसे नाहीं पीअल खाइल बाटे जिउ सनकऽवले-
पिया पी के रहे पगलाइल बाटे नरक बनऽवले

– आकाश महेशपुरी
दिनांक- 24/10/2021

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संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मो. न. 9919080399 मूल नाम- वकील कुशवाहा जन्मतिथि- 15 अगस्त 1980 शैक्षिक योग्यता- स्नातक ॰॰॰ प्रकाशन- सब रोटी का खेल (काव्य संग्रह)…

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