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नया उमर के प्यार

बात के होई
असर धीरे-धीरे
जादू देखाई
उमर धीरे-धीरे…
(१)
तन से मन ले
कुछु ना बची
क़ातिल होई
नज़र धीरे-धीरे…
(२)
ताका-झांकी
मिलल-जुलल
सब कुछ होई
मगर धीरे-धीरे…
(३)
पहिला प्यार के
छुअन पाके
नस-नस में चढ़ी
लहर धीरे-धीरे…
(४)
एगो नाया
अफसाना से
वाक़िफ होई
शहर धीरे-धीरे…
#Geetkar
Shekhar Chandra Mitra
(A Dream of Love)
#RomanticRebel
#copyright

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Lyricist, Journalist, Social Activist

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