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जीवन भर के कमाई

तू एइके ना
समझ पइबू
अबहीन
मनमीत हमार
हमरा जीवन
भर के कमाई
इहे बा
गीत हमार…
तहरा कवनो
काम के नइखे
पागल
प्रीत हमार
हमरा जीवन
भर के कमाई
इहे बा
गीत हमार…
चांदी के खनक में
दब जाई
लोक-
संगीत हमार
हमरा जीवन
भर के कमाई
इहे बा
गीत हमार…
कहियो तहार
हार बनी
अबके
जीत तहार
हमरा जीवन
भर के कमाई
इहे बा
गीत हमार…
हमके हमार
विद्रोह मुबारक
तहके
रीत तहार
हमरा जीवन
भर के कमाई
इहे बा
गीत हमार…
#Geetkar
Shekhar Chandra Mitra
(A Dream of Love)

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Lyricist, Journalist, Social Activist

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