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जिया पुकारत…….

जिया पुकारत सजना तोहे
बिरह जलावत सजना मोहे
जिया पुकारत…….

कहे हिया— धरकन के सुन
नजर कहे— मुझको ही चुन
सुनो पिया— पायल के धुन
पिया बुलावत अंगना तोहे……
जिया पुकारत…….

बिरह अगन, कौन सम्भाला
अरे पिया, क्या कर डाला
जिया जरे, कइसन ज्वाला
पिया रुलावत अंगना मोहे……
जिया पुकारत…….

***

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एक अदना-सा अदबी ख़िदमतगार Books: इक्यावन रोमांटिक ग़ज़लें (ग़ज़ल संग्रह); इक्यावन उत्कृष्ट ग़ज़लें (ग़ज़ल संग्रह); 'इक्यावन इन्द्रधनुषी ग़ज़लें' (ग़ज़ल संग्रह) प्रतिनिधि रचनाएँ (विविध पद्य रचनाओं का संग्रह); रामभक्त शिव (संक्षिप्त…

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