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जात-पात

जात ना गईल
पात ना गईल
हमनी के साथे
घात ना गईल…
(१)
केतना दीवाली
आईल-गईल
देश से बाकिर
रात ना गईल…
(२)
हमरा दिल से
तहरा दिल ले
बिना बाधा के
बात ना गईल…
(३)
अनगिनत लोग
अभीनो बाटे
कलम ले जेकर
हाथ ना गईल…
(४)
ये धर्म के काहें
ऊ आपन मानो
मंदिर ले जेकर
लात ना गईल…
(५)
हमनी खातिर
का ऊ करी
दु डेग ले जे
साथ ना गईल…
Shekhar Chandra Mitra
#अवामीशायरी #जनवादीकविता
#इंकलाबीशायरी #मनुस्मृतिदहनदिवस

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Lyricist, Journalist, Social Activist

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