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चंदा के डोली उठल

तू प्यार के अजमावे में
थोड़ा जल्दी कर देहलू
नाया दुनिया बसावे में
थोड़ा जल्दी कर देहलू…
(१)
हम तहके मनले रहनी
अपनो से ज़्यादा आपन
ग़ैर के आपन बनावे में
थोड़ा जल्दी कर देहलू…
(२)
हमनी के तअ साथ रहे
बचपन से दिन-रात के
हमरा से हाथ छुड़ावे में
थोड़ा जल्दी कर देहलू…
(३)
हमरा पूजा के फूल के
पांव से अपना रौंद के
आपन सेज सजावे में
थोड़ा जल्दी कर देहलू…
(४)
अपना हृदय के ख़ून से
मांग तहार सजइतीं हम
सेंदुरा से मांग भरावे में
थोड़ा जल्दी कर देहलू…
‌ (५)
तहरा सपना के डोली
लेके हम आवत रहनी
गांव पिया के जाए में
थोड़ा जल्दी कर देहलू…
#Geetkar
Shekhar Chandra Mitra
(A Dream of Love)
#literarygenius
#bhojpuricinema

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Lyricist, Journalist, Social Activist

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