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खेतवे में कटे दुपहरिया (चइता)

खेतवे में कटे दुपहरिया (चइता)
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झन झन बाजेला मसुरिया ये बालम गँहुओ गादाइल
खेतवे में कटे दुपहरिया ये बालम ओठवा झुराइल

हमरा से कहलऽ कि मालकिन बनाइबि
करिहऽ आराम कबो काम ना कराइबि
उलटे करावेलऽ मजुरिया ये बालम देहि सँवराइल-
खेतवे में कटे दुपहरिया ये बालम ओठवा झुराइल

बाबूजी से लेई के तू लाखन दहेजवा
दारू गाँजा जुआ से लगवलऽ सनेहवा
हमरा से फेरलऽ नजरिया ये बालम जिनिगी हेराइल-
खेतवे में कटे दुपहरिया ये बालम ओठवा झुराइल

पेटवा से बानी पार लागे नाहीं कारो
कुछे दिन बाद बढ़ी जाई परिवारो
आगहूँ के करिलऽ फिकिरिया ये बालम दिन नियराइल-
खेतवे में कटे दुपहरिया ये बालम ओठवा झुराइल

– आकाश महेशपुरी
दिनांक- 30/03/2021

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Author
संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मो. न. 9919080399 मूल नाम- वकील कुशवाहा जन्मतिथि- 15 अगस्त 1980 शैक्षिक योग्यता- स्नातक ॰॰॰ प्रकाशन- सब रोटी का खेल (काव्य संग्रह)…

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