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केतना बढ़ी महंगाई!

महंगाई के
ओखर में
कूट के खा गईल
के हो पूरा
देश के
लूट के खा गईल…
(१)
लालफीताशाही में
उलझाके
रोज नाया-नाया
टैक्स लगाके
गरम कड़ाही में
सबके
भूज के खा गईल
के हो पूरा
देश के
लूट के खा गईल…
(२)
अंगरेजन के
गइला के बाद
देश के जेतना
विकास भईल
सीलवट-लोर्हा से
सब कुछ
पीस के खा गईल
के हो पूरा
देश के
लूट के खा गईल…
(३)
मजदूर सामान
बनावत गईल
किसान अनाज
उगावत गईल
आवारा सांड नियन
छूट के खा गईल
के हो पूरा
देश के
लूट के खा गईल…
#Geetkar
Shekhar Chandra Mitra
#expensiverecharge
#महंगारिचार्ज

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Lyricist, Journalist, Social Activist

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