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कइसे होई खेती अब

कइसे होइ खेती अब ,
डीज़ल के दाम बढल बा।
कई बीघा खेत अब ,
पइसा के अभाव में परती पड़ल बा
जोताई भइल पचास (50)के कट्ठा
लेवाई सौ (100) के लागता
का कहि केकरा से कही
ई दाम काहे भागता

पेट्रोल,डीजल के का कही।
करुआ तेल भी अइसन भागता
इहो सोना के दुकान पर बेचाई।
अइसन हमरा लागता
का कहि केकरा से कही
के दाम कहे भागता

हद हो गइल महंगाई के ,गरीब कइसे जिहि
का करि,मन अगुताई त जहर के सीसी पिही।
का करो कइसे कर,ई सब उल्हा लाँघता
का कही कइसे कहि,ई दाम कहे भागता।

#सूरज कुशवाहा #
सम्पर्क सूत्र-8873990054

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में सूरज कुमार, आप सभी को मेरा नमस्कार । में बिहार राज्य का निवासी हु में स्नातक पार्ट 2 का छात्र हु। मझे लिखना काफी ज्यादा पसंद है। मेरी पहली…

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